17 साल बाद टूटी फरारी की कहानी: रुड़की जेल से
दीवार कूदकर भागा 50 हजार का इनामी बदमाश आखिरकार STF की पकड़ में
देहरादून/रुड़की, 10 (अक्टूबर उत्तराखंड बोल रहा है )
उत्तराखंड एसटीएफ को 17 वर्षों से फरार चल रहे एक शातिर इनामी अपराधी की गिरफ्तारी में बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखंड के नेतृत्व में एसटीएफ उत्तराखंड और एसटीएफ नोएडा की संयुक्त टीम ने 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश हरिसिंह उर्फ हरीश को गिरफ्तार किया है।
यह वही अपराधी है जो वर्ष 2008 में रुड़की जेल की दीवार कूदकर फरार हो गया था और तब से पुलिस की पकड़ से बचने के लिए पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में अपना नाम और पहचान बदलकर रह रहा था।
अभियुक्त हरिसिंह मूल रूप से अग्रवाल मंडी टटीरी, बागपत (उत्तर प्रदेश) का निवासी है। फरारी के दौरान उसने भारत भूषण पुत्र मामचंद निवासी डेराबस्सी (मोहाली, पंजाब) के नाम से पहचान बनाई हुई थी।
एसटीएफ की जांच में पता चला कि वर्ष 2007 में हरिसिंह और उसके तीन साथियों ने रुड़की में मोबाइल की दुकानों में चोरी की कई वारदातों को अंजाम दिया था। इन मामलों में अभियुक्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, लेकिन उसने 2008 में जेल की दीवार फांदकर फरारी काट ली।
एसएसपी एसटीएफ उत्तराखंड ने बताया कि टीम लंबे समय से इस अपराधी की लोकेशन और गतिविधियों पर मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए नजर रखे हुए थी। कई राज्यों में दबिश के बाद आखिरकार 09 अक्टूबर 2025 को एसटीएफ नोएडा की सूचना पर उसे रुड़की क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त का आपराधिक इतिहास:
1️⃣ मु0अ0सं0 389/07 धारा 398, 401 आईपीसी, थाना रुड़की
2️⃣ मु0अ0सं0 374/07 धारा 457, 380, 411 आईपीसी, थाना रुड़की
3️⃣ मु0अ0सं0 324/07 धारा 457, 380, 411 आईपीसी, थाना रुड़की
4️⃣ मु0अ0सं0 390/07 धारा 25 आर्म्स एक्ट, थाना रुड़की
5️⃣ मु0अ0सं0 03/08 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट, थाना रुड़की
6️⃣ मु0अ0सं0 52/08 धारा 223
