विकासनगर ब्लॉक में जो पहले कभी नहीं हुआ, वह कर दिखाया ब्लॉक प्रमुख नारायण ठाकुर ने

विकासनगर ब्लॉक में जो पहले कभी नहीं हुआ, वह कर दिखाया ब्लॉक प्रमुख नारायण ठाकुर ने

ग्रामीणों को मिला निर्णय का अधिकार –
पारदर्शिता और जनभागीदारी की नई मिसाल

विकासनगर। (उत्तराखंड। बोल रहा है)
स्थानीय शासन और जनभागीदारी को नई दिशा देते हुए विकासनगर ब्लॉक प्रमुख नारायण ठाकुर ने एक ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने वह कर दिखाया है, जो अब तक किसी भी पूर्व ब्लॉक प्रमुख ने नहीं किया था। ग्रामीणों की आवाज़ को प्राथमिकता देते हुए ठाकुर ने खंड विकास अधिकारी (BDO) को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब भी ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) अथवा ग्राम विकास अधिकारी (VDO) गांवों में किसी विकास कार्य या योजना के निरीक्षण या भ्रमण पर जाएं, तो संबंधित ग्राम पंचायत प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC) को पहले से सूचना देना अनिवार्य होगा।

ब्लॉक प्रमुख नारायण ठाकुर का कहना है कि कई बार बिना जनप्रतिनिधियों की जानकारी के योजनाएं तैयार कर ली जाती हैं, जिससे स्थानीय पारदर्शिता में कमी और जनप्रतिनिधियों की भूमिका कमजोर पड़ जाती है। ऐसे में यह निर्णय अधिकारियों और जनता के बीच सामंजस्य और विश्वास का सेतु बनेगा।

उन्होंने कहा कि प्रधान और बीडीसी सदस्य स्थानीय ज़रूरतों को सबसे बेहतर जानते हैं। उनके सुझावों को शामिल करने से योजनाएं अधिक व्यवहारिक और जनहित में होंगी। ठाकुर ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अधिकारी द्वारा सूचना देने में लापरवाही बरती जाती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

यह निर्णय न सिर्फ पारदर्शिता, बल्कि जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में ब्लॉक प्रमुख के इस फैसले की सराहना हो रही है। इसे स्थानीय शासन को सशक्त करने और ग्रामीण विकास में जनसहभागिता बढ़ाने वाली ऐतिहासिक पहल कहा जा रहा है।