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विकासनगर में स्टांप घोटाले का बड़ा खुलासा
डीएम सविन बंसल की सख्ती, उप निबंधक अपूर्वा सिंह के निलंबन की संस्तुति
(उत्तराखंड बोल रहा है)
देहरादून, 14 मई 2026।
जनपद में राजस्व हितों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। विकासनगर स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में स्टांप चोरी, अवैध रजिस्ट्रियों और रिकॉर्ड में गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने उप निबंधक अपूर्वा सिंह के निलंबन एवं विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी है।
🔎 निरीक्षण में क्या-क्या मिला?
वर्ष 2018 से 2025 तक के सैकड़ों मूल विलेख पत्र कार्यालय में संदिग्ध स्थिति में डंप पाए गए।
25 रजिस्ट्रियां वर्षों से बिना किसी कारण अभिलिखित या सूचित किए लंबित मिलीं।
स्टांप अपवंचन के मामलों को डीएम कार्यालय को अत्यंत कम और अपर्याप्त रूप से भेजा गया, जबकि करोड़ों रुपये की स्टांप चोरी की आशंका जताई गई है।
धारा 47-ए के अंतर्गत 47 प्रकरण चिन्हित किए गए, जो राजस्व क्षति से जुड़े गंभीर मामले हैं।
डीएम ने सभी अभिलेख जब्त कर विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी!
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित गोल्डन फॉरेस्ट के खातों में 150 अवैध रजिस्ट्रियां दर्ज पाई गईं।
प्रारंभिक जांच में प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्रियों का खुलासा हुआ है, जो स्पष्ट रूप से नियमों और न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। इस प्रकरण में पूर्व में तैनात सब-रजिस्ट्रारों एवं संबंधित कार्मिकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जिला प्रशासन के अनुसार इन अवैध रजिस्ट्रियों से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ, बल्कि भूमि खरीदारों के साथ धोखाधड़ी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हुई है।
🗂️ रिकॉर्ड प्रबंधन में भारी लापरवाही
निरीक्षण में कार्यालय संचालन में पारदर्शिता की कमी, रिकॉर्ड प्रबंधन में गंभीर खामियां, प्रक्रियात्मक नियमों का उल्लंघन और अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही सामने आई।
डीएम ने पूरे प्रकरण की समग्र रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि दोषियों के खिलाफ विभागीय और विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
🚨 जीरो टॉलरेंस का संदेश
माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजस्व एवं भूमि संबंधी मामलों में भ्रष्टाचार और अनियमितता के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है।
जिलाधिकारी सविन बंसल की इस सख्त कार्रवाई को पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। संकेत साफ हैं—भ्रष्टाचार पर अब लगातार कड़ा एक्शन होगा।
