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देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के माध्यम से चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। चयनित युवाओं की नियुक्तियां शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर की गई हैं।
मुख्य सेवक सदन में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया गया है, जिससे युवाओं का विश्वास मजबूत हुआ है। सरकार का लक्ष्य योग्य और प्रतिभाशाली युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 से अब तक राज्य में 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति दी जा चुकी है। उन्होंने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान करते हुए कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का महत्वपूर्ण अवसर भी है।
सरकारी सेवा केवल नौकरी नहीं, जनसेवा का अवसर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की सेवा और राज्य निर्माण का महत्वपूर्ण अवसर भी है। उन्होंने युवाओं से अपने कार्यों के माध्यम से उत्तराखंड के विकास में सक्रिय योगदान देने की अपेक्षा जताई।
UKSSSC के माध्यम से चयनित 221 अभ्यर्थियों को शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग में नियुक्ति दी गई है। सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से विभागों में रिक्त पद भरने के साथ प्रशासनिक कार्यों की गति और दक्षता में सुधार आएगा तथा आम जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।
राज्य सरकार के अनुसार नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ विभिन्न विभागों में मानव संसाधन को मजबूत करना है। सरकार लगातार रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है, ताकि योग्य युवाओं को रोजगार मिले और विभागीय कार्यों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सके।
