दो बूंद जिंदगी की – हर बच्चे की सुरक्षा का संकल्प, उत्तराखण्ड में पल्स पोलियो अभियान का आगाज़

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गांधी शताब्दी चिकित्सालय, देहरादून से राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस (एनआईडी)-2026 का राज्य स्तरीय शुभारम्भ

मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखण्ड डॉ. संदीप तिवारी (आईएएस) ने किया राज्यव्यापी पल्स पोलियो अभियान का शुभारम्भ

देहरादून। रविवार को गांधी शताब्दी चिकित्सालय, देहरादून से किया गया। अभियान का शुभारम्भ मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखण्ड डॉ. संदीप तिवारी (आईएएस) ने पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को ओरल पोलियो वैक्सीन (ओपीवी) की खुराक पिलाकर किया।

इस अवसर पर मिशन निदेशक ने कहा कि भारत पिछले 14 वर्षों से अधिक समय से पोलियो-मुक्त है, लेकिन पोलियो वायरस के आयात की आशंका को देखते हुए निरंतर सतर्कता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पाँच वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को, पूर्व में पोलियो की कितनी भी खुराक मिली हो, जीवनरक्षक दो बूंद अवश्य पिलाएँ।

निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड डॉ. शिखा जंगपांगी ने अभियान की सफलता के लिए जनसहभागिता, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी निगरानी पर बल दिया। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों तथा विकास सहयोगी संस्थाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही प्रत्येक पात्र बच्चे तक टीकाकरण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

राज्यव्यापी अभियान उत्तराखण्ड के सभी 13 जनपदों में संचालित किया जा रहा है। बूथ गतिविधियों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएँगी। अभियान के दौरान उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, प्रवासी आबादी, शहरी मलिन बस्तियों, निर्माण स्थलों, सीमावर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों तथा घुमंतू समुदायों पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, समुदाय के प्रतिनिधियों एवं आमजन से अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की है, ताकि उत्तराखण्ड की पोलियो-मुक्त पहचान को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी, देहरादून डॉ. मनोज शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, कोरोनेशन चिकित्सालय डॉ. मनु जैन, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी (SEPIO) डॉ. कुलदीप सिंह मार्तोलिया सहित स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, विकास सहयोगी संस्थाओं एवं विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।