सीलिंग भूमि विवाद: सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी से आमजन परेशान, जन संघर्ष मोर्चा ने उठाए सवाल

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सीलिंग भूमि विवाद: सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी से आमजन परेशान, जन संघर्ष मोर्चा ने उठाए सवाल

(उत्तराखंड बोल रहा है )
विकासनगर, 2 अगस्त। जन संघर्ष मोर्चा ने चाय बागान सीलिंग भूमि से जुड़े मामलों में जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी के कारण हजारों भवन स्वामियों और काश्तकारों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित लोगों को राहत नहीं मिली तो इस मुद्दे को जिला प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।


मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि देहरादून जनपद के एनफील्ड ग्रांट, जमनीपुर, एटनबाग, ईस्ट होप टाउन, बदामावाला, अंबाड़ी, रायपुर, जीवनगढ़, कंडोली, कांवली, हरबंसवाला, मोहकमपुर खुर्द, बंजारावाला माफी, आर्केडिया ग्रांट, मलूकावाला, मिट्ठी बेहड़ी, लाडपुर और नत्थनपुर सहित कई क्षेत्रों में सीलिंग भूमि के नाम पर भवन स्वामियों और काश्तकारों का शोषण किया जा रहा है।


नेगी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने सिविल अपील संख्या 2697/1984 में 24 अक्टूबर 1996 को दिए गए अपने आदेश में स्पष्ट किया था कि 10 अक्टूबर 1975 से पूर्व खरीदी गई भूमि को उत्तर प्रदेश सीलिंग एक्ट की धारा 6(3) के तहत सीलिंग से मुक्त माना जाएगा। इसके बावजूद वर्ष 2023 में जारी प्रशासनिक आदेशों के आधार पर ऐसी भूमि के क्रय-विक्रय और दाखिल-खारिज पर भी रोक लगाई जा रही है, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना प्रत्येक मामले की विधिक स्थिति, खरीद वर्ष और स्वामित्व की जांच किए एक समान कार्रवाई की जा रही है, जो न्यायोचित नहीं है। इससे न केवल आमजन और अधिवक्ताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।


मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भूमि वास्तव में सीलिंग की जद में आती है तो प्रशासन को कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन बिना जांच-पड़ताल सभी मामलों पर रोक लगाना उचित नहीं है। मोर्चा का कहना है कि वह जल्द ही इस पूरे मामले को जिला प्रशासन के समक्ष उठाकर प्रभावित लोगों को राहत दिलाने का प्रयास करेगा।
पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार और प्रवीण शर्मा पिन्नी भी मौजूद रहे।