पूर्व सैनिकों के हक और शक्ति नहर की सुरक्षा को लेकर शासन में गरजा जन संघर्ष मोर्चा
(उत्तराखंड बोल रहा है)
देहरादून। पूर्व सैनिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिलाने और शक्ति नहर के किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग को लेकर जन संघर्ष मोर्चा ने शासन का दरवाजा खटखटाया है। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुंदरम से मुलाकात कर दोनों मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा।
नेगी ने मांग उठाई कि उपनल के माध्यम से ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में कार्यरत पूर्व सैनिकों को भी समान कार्य-समान वेतन का लाभ तत्काल दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में उच्च न्यायालय के निर्देशों के साथ-साथ शासन की ओर से 3 फरवरी 2026 को भी विभागों को समान कार्य-समान वेतन लागू करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं, इसके बावजूद ऊर्जा निगमों में कार्यरत पूर्व सैनिक अभी इस लाभ से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि जब शासन के निर्देशों के अनुरूप अन्य विभागों और निगमों में कार्रवाई आगे बढ़ चुकी है तो ऊर्जा विभाग के तीनों निगमों में इसे लंबित रखना पूर्व सैनिकों के साथ न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने शासन से तत्काल हस्तक्षेप कर आदेश का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की।
शक्ति नहर की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया
बैठक में विकासनगर-डाकपत्थर स्थित शक्ति नहर की सुरक्षा का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। नेगी ने नहर के दोनों किनारों पर मजबूत क्रैश बैरियर और तार जाल लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण नहर क्षेत्र में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और पूर्व में कई लोग हादसों का शिकार हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि नहर के संवेदनशील हिस्सों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाने से दुर्घटनाओं के साथ-साथ नहर में गिरने और आत्महत्या जैसी घटनाओं पर भी प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
प्रमुख सचिव ऊर्जा ने दोनों मामलों का संज्ञान लेते हुए तीनों ऊर्जा निगमों के प्रबंध निदेशकों को तत्काल वार्ता करने के निर्देश दिए।
नेगी ने कहा कि जन संघर्ष मोर्चा दोनों मुद्दों पर शासन स्तर पर लगातार पैरवी करेगा। उनका कहना है कि पूर्व सैनिकों को उनका जायज वेतन अधिकार दिलाने के साथ-साथ शक्ति नहर के किनारे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था कराना जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।
