तीन माह के मासूम की चोरी का सनसनीखेज खुलासा ₹4.90 लाख में हुआ था सौदा,
6 गिरफ्तार, बच्चा सकुशल बरामद
हरिद्वार पुलिस की शानदार कामयाबी, 55 घंटे में मासूम को मां की गोद में लौटाया
हरिद्वार, 14 (अक्टूबर उत्तराखंड बोल रहा है)2025।
हरिद्वार पुलिस ने एक अंतरजनपदीय बच्चा चोरी गिरोह का पर्दाफाश कर तीन माह के मासूम को मात्र 55 घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। इस प्रकरण में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹1 लाख नगद और ₹1 लाख की ऑनलाइन रकम फ्रीज की है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देशन में कलियर थाना पुलिस, सीआईयू रुड़की और टेक्निकल टीम ने मिलकर इस संवेदनशील और जटिल केस को बेहद तत्परता और कुशलता से सुलझाया।

🌙 घटना का दर्दनाक घटनाक्रम
अमरोहा निवासी जहीर अंसारी अपनी पत्नी और तीन माह के बेटे के साथ 10 अक्टूबर की रात जियारत के लिए कलियर पहुंचे थे। रात में दुकान के पास रुकने के दौरान दो अनजान महिलाएं उनसे बातचीत करने लगीं।
इसी दौरान एक महिला जहीर को चाय पिलाने के बहाने ले गई और दूसरी महिला सोती मां की गोद से बच्चे को चुरा ले गई।
11 अक्टूबर को थाना कलियर में बच्चे की चोरी की रिपोर्ट दर्ज हुई। मामला सामने आते ही हरिद्वार पुलिस हरकत में आई।
🚔 पुलिस की तेजी और जांच की दिशा
एसएसपी डोबाल ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल विशेष टीम गठित की।
टेक्निकल टीम ने लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मेरठ की दिशा में सुराग जुटाया।
मेरठ में पुलिस ने मुख्य आरोपी आस मोहम्मद उर्फ लंगड़ा को दबोचा।
पूछताछ में इसने गिरोह के बाकी सदस्यों — पत्नी शहनाज, सलमा, अंचन, नेहा शर्मा और अंतिम खरीदार विशाल गुप्ता उर्फ अच्ची — के नाम उजागर किए।
💰 बच्चे की बिक्री की पूरी कड़ी
शहनाज और सलमा ने बच्चा चोरी कर आस मोहम्मद को सौंपा।
आस मोहम्मद ने उसे ₹3 लाख में अंचन को बेचा।
अंचन ने ₹3.90 लाख में नेहा शर्मा को सौंपा।
नेहा शर्मा ने अंततः ₹4.90 लाख में विशाल गुप्ता को बच्चा बेच दिया।
जांच में सामने आया कि विशाल गुप्ता की शादी को 10 वर्ष बीत चुके थे और संतान न होने के कारण वह इलाज करा रहा था। नेहा शर्मा, जो अस्पताल में पैशेंट कोऑर्डिनेटर थी, ने उसे बच्चा दिलाने की “व्यवस्था” करने का झांसा दिया और गिरोह ने पूरा खेल रच डाला।
👶 बरामदगी और मानवीय पल
पुलिस ने 55 घंटे के भीतर मेरठ में विशाल गुप्ता के घर से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।
जब पुलिस टीम ने बच्चे को उसकी मां को सौंपा, तो परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
📜 कानूनी कार्रवाई
सभी छह अभियुक्तों के विरुद्ध मु.अ.सं. 271/25, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है।
बरामदगी में शामिल सामग्री:
तीन माह का बालक (सुरक्षित)
₹1,00,000 नकद
₹1,00,000 ऑनलाइन राशि (खाता फ्रीज)
🗣️ एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा –
“बच्चा चोरी जैसी वारदातें बेहद संवेदनशील हैं। हमारी पुलिस टीम ने समयबद्ध और उत्कृष्ट कार्य करते हुए मासूम को सुरक्षित वापस दिलाया है। आमजन भी सतर्क रहें — अनजान लोगों पर सहानुभूति या भरोसा दिखाना कभी-कभी खतरनाक हो सकता है।”
🌟 पुलिस की इस कार्यवाही की चारों ओर प्रशंसा
हरिद्वार पुलिस की इस तत्परता से न केवल एक मासूम की जिंदगी बची बल्कि मानवता की सबसे बड़ी जीत भी दर्ज हुई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने टीम को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कृत करने की अनुशंसा की है।
