जौनसार की संस्कृति पर बनेगी डॉक्यूमेंट्री — निर्देशक जयप्रकाश को मिला राष्ट्रीय सम्मान”
फिल्म ‘गंगापुत्र’ के लिए मिला सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री अवार्ड
अब जौनसार-बावर की समृद्ध संस्कृति को बड़े पर्दे पर लाने की तैयारी
देहरादून, 28 अक्टूबर। (उत्तराखंड बोल रहा है)
उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराएं और प्राकृतिक सौंदर्य अब देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। खासकर जौनसार-बावर की समृद्ध और अनोखी संस्कृति पर अब कैमरा फोकस होगा। इसी क्रम में फिल्म निर्माता-निर्देशक जयप्रकाश ने जौनसार की संस्कृति और जीवनशैली पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री बनाने की घोषणा की है।
जयप्रकाश को हाल ही में लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में उनकी डॉक्यूमेंट्री “गंगापुत्र” के लिए सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह फिल्म प्रयागराज के संगम तट पर भूले-भटके लोगों के लिए सेवा शिविर संचालित करने वाले राजाराम तिवारी के जीवन पर आधारित है, जिन्हें “गंगापुत्र” के नाम से जाना जाता था।
जयप्रकाश के सहायक निर्माता पंजाब सिंह मजीठिया ने बताया कि ‘गंगापुत्र’ पहले भी देश और विदेश के कई प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में प्रदर्शित की जा चुकी है और इसे अनेक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। जयप्रकाश को इससे पहले सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का सम्मान भी मिल चुका है।
जयप्रकाश ने बताया कि उनकी आगामी डॉक्यूमेंट्री “सुपर जौनसार” उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र की लोक संस्कृति, पारंपरिक नृत्य, वेशभूषा, रीति-रिवाज और लोक जीवन को केंद्र में रखकर बनाई जा रही है। यह फिल्म प्रदेश की पहचान और पर्यटन को एक नई दिशा देगी।
उन्होंने कहा, “जौनसार की संस्कृति भारत की विरासत का अभिन्न हिस्सा है। मेरा प्रयास रहेगा कि इस अनोखे क्षेत्र की परंपराएं और लोकधुनें देश और दुनिया तक पहुंचें।”
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिका में बसे एनआरआई सैम पटेल ने भी उत्तराखंड में फिल्म उद्योग और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की इच्छा जताई थी, जिससे राज्य में सिनेमा और पर्यटन के नए अवसर खुलने की संभावना है।
जयप्रकाश की नई पहल न केवल जौनसार-बावर की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहुंचाएगी, बल्कि उत्तराखंड को फिल्म निर्माण का नया केंद्र बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।
