डीएम ने अचानक बुलाई जिला चिकित्सालय की प्रगति समीक्षा बैठक;
आनन-फानन में दौड़े अधिकारी
एसएनसीयू के अपग्रेड कार्यों में विलम्ब पर डीएम का चढ़ा पारा, लगाई फटकार; मौके पर स्वीकृत किए 91 लाख रुपए
देहरादून (उत्तराखंड बोल रहा है)। जिलाधिकारी सविन बंसल ने मंगलवार को ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जिला चिकित्सालय कोरोनेशन के निर्माण कार्यों, व्यवस्थाओं एवं सुविधाओं की अचानक समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में अस्पताल की उपलब्ध सेवाओं, उपकरणों की स्थिति, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता तथा मरीजों की संख्या की गहन समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन के प्रयासों से गत वर्ष प्रारंभ किए गए एसएनसीयू (Special Newborn Care Unit) से अब तक लगभग 500 नवजात शिशुओं को स्वास्थ्य लाभ मिल चुका है। पिछली बैठक में एसएनसीयू को 6 बैड से बढ़ाकर 12 बैड करने के निर्देश दिए गए थे। समीक्षा में पाया गया कि विस्तारीकरण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं हुआ है। इस पर जब कारण पूछा गया तो अधिकारियों ने धन की कमी का हवाला दिया।
दो माह से इस स्थिति की जानकारी उच्चाधिकारियों को न देने पर डीएम ने प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को फटकार लगाई और कड़ी नाराजगी जताई। तत्पश्चात उन्होंने मौके पर ही 91 लाख रुपये की धनराशि जिला योजना से स्वीकृत करते हुए एक माह के भीतर एसएनसीयू विस्तारीकरण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में निर्माणाधीन ब्लड बैंक की प्रगति पर जानकारी दी गई कि कार्य 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी ने फरवरी 2026 तक शेष कार्य युद्धस्तर पर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए मशीनों, उपकरणों, चिकित्सक स्टाफ एवं मैनपावर की समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने एसएनसीयू अपग्रेडेशन, दिव्यांगजन शौचालय, जनरल ओटी हेतु स्टेबलाइजर, पुराने भवनों की मरम्मत, फायर हाईड्रेंट, फायर अलार्म, वाटर हाईड्रेंट, जन्म-मृत्यु पंजीकरण हेतु कलर प्रिंटर सहित अन्य कार्यों के लिए 91 लाख रुपये की स्वीकृति मौके पर ही प्रदान की।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि “जिला चिकित्सालय में आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिलनी चाहिए।” डीएम ने अस्पताल प्रबंधन को स्वच्छता व्यवस्था, दवा वितरण प्रणाली एवं उपकरणों की कार्यशील स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु हेल्प डेस्क को और अधिक प्रभावी बनाने को कहा।
डीएम बंसल ने कहा कि चिकित्सालय में आधारभूत सुविधाओं का रखरखाव और सुधार प्रशासन की प्राथमिकता है। डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाया जाए।
बैठक में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मन्नु जैन ने बताया कि अस्पताल परिसर में संचालित ऑटोमेटेड पार्किंग से व्यवस्था में सुधार आया है। उन्होंने एक और ऑटोमेटेड पार्किंग निर्माण का अनुरोध किया, जिस पर डीएम ने कार्यवाही के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभारी अधिकारी स्वास्थ्य/उप जिलाधिकारी हरिगिरि, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मनोज शर्मा, वरिष्ठ पैथोलॉजिस्ट डॉ. जे.पी. नौटियाल, डॉ. शालिनी डिमरी, पीआरओ प्रमोद पंवार, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजू सब्बरवाल, मैटर्न इंदू शर्मा, सुशीला पंवार एवं प्रबंधक आरती आदि उपस्थित रहे।
