अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच के आदेश दे राजभवन – मोर्चा

अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच के आदेश दे राजभवन – मोर्चा

पूर्व विधायक की पत्नी द्वारा वीआईपी का नाम लेने के बाद फिर उठा मामला
विकासनगर। (उत्तराखंड बोल रहा है) जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में गहन साजिश और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग की है। नेगी ने कहा कि लंबे समय से इस जघन्य हत्याकांड में एक वीआईपी समेत अन्य लोगों की भूमिका को लेकर चर्चाएं चल रही थीं, लेकिन अब पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की पत्नी द्वारा बार-बार वीआईपी का नाम सार्वजनिक रूप से लिए जाने से संलिप्तता और स्पष्ट हो गई है।
पत्रकारों से वार्ता में नेगी ने कहा कि सामने आए तथ्यों से यह संकेत मिलता है कि प्रदेश प्रभारी गौतम उर्फ गट्टू की भूमिका की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने सवाल उठाया कि रिजॉर्ट में गट्टू को ले जाने वाला सूत्रधार कौन था, विशेष सेवा किसके निर्देश पर दी गई और उस खास कमरे पर बुलडोजर चलाने की अनुमति किसने दी—इन सभी बिंदुओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच होना अनिवार्य है।
नेगी ने कहा कि इस प्रकरण में केवल सीबीआई जांच ही पीड़ित परिवार और प्रदेश की जनता को न्याय दिला सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को राजधर्म निभाते हुए समय रहते कठोर कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन दबाव के चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका। उन्होंने राजभवन से अपील की कि वह पीड़ित परिवार की पीड़ा को समझे और प्रदेश में प्रभाव के दम पर अपराध को संरक्षण देने वालों के खिलाफ ठोस कदम उठाए।
नेगी ने तीखे शब्दों में कहा कि हत्याकांड में वीआईपी की संलिप्तता की चर्चा देशभर में हुई, लेकिन राजभवन ने इस पर संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने राज्यपाल से आग्रह किया कि एक फौजी होने के नाते फौजी धर्म निभाते हुए इस मामले में शामिल सभी दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश सरकार को करें।
पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार और दिलबाग सिंह भी उपस्थित रहे।