रुड़की-लक्सर-जसपुर-रुद्रपुर-बागेश्वर को मिला बिजली चोरी का खुला लाइसेंस! मोर्चा
30–40% लाइन लॉस, 50–60% AT&C लॉसेस ने खोली सिस्टम की पोल : जन संघर्ष मोर्चा
विकासनगर। (उत्तराखंड। बोल। रहा। है।)
उत्तराखंड में बिजली चोरी और विभागीय लापरवाही ने उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है। रुड़की, लक्सर, जसपुर, रुद्रपुर और बागेश्वर सहित कई क्षेत्रों में बिजली चोरी को मानो खुला लाइसेंस दे दिया गया हो। यह आरोप जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने विकासनगर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान लगाए।
नेगी ने कहा कि बिजली चोरों और विद्युत विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के चलते उपभोक्ता लगातार पिस रहा है, जबकि बिजली चोरी रोकने में पूरा सिस्टम पूरी तरह फेल साबित हो चुका है।

उन्होंने बताया कि जून 2025 तक अधिकांश विद्युत वितरण खंडों में लाइन लॉस 30 से 40 प्रतिशत तक पहुंच चुका था, वहीं AT&C लॉसेस 50 से 60 प्रतिशत तक दर्ज किए गए।
📊 आंकड़े खुद बयां कर रहे हैं सच्चाई
नेगी ने विभागीय आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जून 2025 के अंत तक—
रुड़की शहरी : 40.05%
रामनगर (रुड़की) : 35.46%
जसपुर : 32.69%
बागेश्वर : 31.50%
रुद्रपुर द्वितीय : 30.89%
लक्सर : 28.98%
रुद्रप्रयाग : 29.70%
हल्द्वानी (शहरी) : 26.41%
रामनगर : 26.91%
इसके अलावा प्रदेश के करीब 15 वितरण खंडों में लाइन लॉस 20 से 25 प्रतिशत तक रहा।
⚡ AT&C लॉसेस की हालत और भी चिंताजनक
टिहरी : 66.78%
नैनीडांडा : 61.87%
बाजपुर : 63.20%
भिकियासैंण : 61.64%
हालांकि प्रदेश भर का औसत लाइन लॉस जून 2025 के अंत में 18.12 प्रतिशत बताया गया, लेकिन कई क्षेत्रों में स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है।

❓ सवालों के घेरे में सिस्टम और जनप्रतिनिधि
रघुनाथ सिंह नेगी ने सवाल उठाया कि आखिर अधिकारियों और बिजली चोरों की यह अवैध सांठगांठ थम क्यों नहीं रही?
उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता को लूटने के लिए अलग-अलग नामों से कई तरह के जजिया कर थोप दिए हैं, लेकिन बिजली चोरी पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही।
नेगी ने तीखा हमला बोलते हुए कहा,
“प्रदेश के विधायकों का इस ओर ध्यान क्यों नहीं जा रहा? क्या जनता ने उन्हें सिर्फ रेत-बजरी, ठेकेदारी, शराब और अन्य अवैध कारोबार के लिए ही चुना है?”
🔴 मोर्चा की सरकार से मांग
जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार से मांग की कि बिजली चोरी रोकने के लिए अधिकारियों-बिजली चोरों के इस अवैध गठजोड़ का सफाया किया जाए, ताकि आम जनता को सस्ती और पारदर्शी बिजली मिल सके।
पत्रकार वार्ता में विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह और अतुल हांडा भी मौजूद रहे।
