एसएसपी देहरादून ने किया आईएमए कैडेट्स से संवाद
साइबर अपराध, आंतरिक सुरक्षा और पुलिस-आर्मी समन्वय पर साझा किए महत्वपूर्ण विचार
देहरादून। (उत्तराखंड। बोल। रहा। है।) भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 205 कैडेट्स ने आज पुलिस कार्यालय देहरादून का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस अवसर पर कैडेट्स ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून से शिष्टाचार भेंट कर पुलिस व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की।

भ्रमण के दौरान एसएसपी देहरादून ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों पर सेना और पुलिस के बीच आपसी समन्वय के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में दोनों बलों की भूमिका परस्पर जुड़ी हुई है और समय-समय पर इनका समन्वय ही त्वरित व प्रभावी कार्रवाई की कुंजी है।
एसएसपी ने वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि अपराधी अब नए-नए तकनीकी तरीकों से सेना और नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने आर्मी पर्सनेल्स को लक्षित करने वाले ऑनलाइन स्कैम्स और फिशिंग जैसे मामलों के उदाहरण देते हुए, कैडेट्स को सतर्कता बरतने की सलाह दी। साथ ही सोशल मीडिया हैंडलिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल सतर्कता, आज की सुरक्षा प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।

एसएसपी ने आगे कहा कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता हेतु कंट्रोल रूम नंबर 112 सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कैडेट्स को पुलिस कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली और प्रतिक्रिया प्रणाली (Response Mechanism) से भी अवगत कराया, ताकि वे भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में समुचित समन्वय स्थापित कर सकें।
इस अवसर पर कैडेट्स ने एसएसपी से विभिन्न सवाल पूछे और पुलिस की कार्यप्रणाली में रुचि दिखाई। एसएसपी ने कैडेट्स को देश सेवा के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि—

“सेना और पुलिस, दोनों ही राष्ट्र की सुरक्षा के दो सशक्त स्तंभ हैं। जब दोनों संस्थाएं मिलकर कार्य करती हैं, तो देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा और भी सुदृढ़ होती है।”
🟩 इस प्रकार यह संवाद न केवल एक शैक्षणिक अनुभव रहा, बल्कि भविष्य के सैन्य अधिकारियों के लिए पुलिस प्रणाली को समझने का एक प्रेरक अवसर भी साबित हुआ।
