पेपर लीक कांड में प्रोफेसर सुमन की गिरफ्तारी से बेनकाब होंगे सफेदपोश – जन संघर्ष मोर्चा
सीबीआई का कदम सराहनीय, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर कसे शिकंजा

विकासनगर(।उत्तराखंड बोल रहा है) यूकेएसएसएससी पेपर लीक प्रकरण में सीबीआई द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन की गिरफ्तारी के बाद राज्य की सियासत और तंत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारवार्ता में इस कार्रवाई की जोरदार सराहना की और कहा कि यह गिरफ्तारी आने वाले समय में कई सफेदपोश नेताओं और दलालों को बेनकाब करेगी।
सीबीआई का शुरुआती कदम उम्मीद जगाने वाला – नेगी
नेगी ने कहा कि पेपर लीक जैसे घृणित अपराध में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया जाता है। सीबीआई ने प्रो. सुमन को गिरफ्तार कर दिखा दिया है कि अब बड़े चेहरों तक भी नकेल कस सकती है।
मोर्चा ने सीबीआई के इस कार्रवाई को “सराहनीय और निर्णायक शुरुआत” बताया।
अज्ञात आरोपी की पहचान करना सबसे जरूरी – नेगी
नेगी ने कहा कि राजपुर थाने में तीन नामजद और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज थी।
उन्होंने स्पष्ट कहा—
“सीबीआई को सबसे पहले उस अज्ञात आरोपी को पकड़ना चाहिए, क्योंकि वहीं से पूरा नेक्सस खुलेगा।”
कौन बचा रहा था सुमन को? बड़े सवाल खड़े
नेगी ने यह गंभीर सवाल भी उठाया कि—
आखिर किसके इशारे पर पुलिस प्रो. सुमन को बचाने की कोशिश कर रही थी?
सुमन को गवाह बनाने की कवायद किसकी थी?
क्या इस पूरे खेल के तार ऊपर तक जुड़े थे?
उन्होंने आशंका जताई कि यह नेटवर्क टॉप लेवल नेताओं और माफियाओं तक पहुंच सकता है, जिसकी गहन जांच बेहद आवश्यक है।
चार आरोपी क्यों? नेताओं–अधिकारियों की भूमिका की जांच जरूरी
नेगी ने कहा कि जिस तरह पुलिस ने केवल चार लोगों (एक अज्ञात सहित) को नामजद किया है, यह बेहद संदेहास्पद है।
उन्होंने कहा कि इस गड़बड़ी में कई अधिकारी, नेता और दलाल भी शामिल हो सकते हैं, जिन्हें बचाने का प्रयास पहले दिन से दिख रहा है।
मेहनती युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं बर्दाश्त
नेगी ने पीड़ा व्यक्त की कि एक गरीब व मेहनती युवा रात–दिन पढ़ाई कर अपनी जिंदगी झोंक देता है; वहीं दूसरी ओर सेटिंगबाज लोग नेक्सस के जरिए मनचाही नौकरी हासिल कर लेते हैं।
मोर्चा ने मांग की कि सीबीआई ऐसी कड़ी नजीर पेश करे कि भविष्य में कोई भी युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
पत्रकार वार्ता में मौजूद रहे
दिलबाग सिंह
पछवादून अध्यक्ष अमित जैन
जन संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई युवाओं के हक और न्याय की है, और इसमें किसी भी सफेदपोश या दलाल को संरक्षण नहीं मिलने दिया जाएगा।
