देहरादून। (उत्तराखंड। बोल रहा है) लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर राजधानी देहरादून में आयोजित “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” विषयक विचार संगोष्ठी में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर कोश्यारी ने बच्चों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार पटेल केवल भारत के एकीकरण के निर्माता नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और आत्मसम्मान के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और युवाओं को इसी भावना के साथ देश के विकास में योगदान देना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा — “भारत महान तब बनेगा जब हम सब एक साथ, एक सोच और एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेंगे। सरदार पटेल ने जो सपना देखा था, उसे नई पीढ़ी को साकार करना है।”
कार्यक्रम में छात्रों ने देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सरदार पटेल के जीवन और योगदान को श्रद्धांजलि दी। संगोष्ठी का माहौल राष्ट्रभक्ति और एकता के संदेश से ओत-प्रोत रहा।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को पुनः जीवंत किया।
