करोड़ों के भूमि घोटाले में उठे सवाल क्या आईजी कार्यालय की छत्रछाया में हुआ था फर्जीवाड़ा?”मोर्चा

करोड़ों के भूमि घोटाले में उठे सवाल — क्या आईजी कार्यालय की छत्रछाया में हुआ था फर्जीवाड़ा?”मोर्चा

जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी का बड़ा बयान — एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार पुलिस कर्मियों का हो नार्को टेस्ट, आईजी कार्यालय की भूमिका भी आए जांच के घेरे में!

विस्तृत खबर:
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने हरिद्वार के ग्राम सुनहरा में हुए करीब 50 करोड़ रुपये के बेशकीमती भूमि घोटाले पर बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह मामला किसी साधारण धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि “ऊँचाई पर बैठे लोगों की मिलीभगत का संगठित खेल” प्रतीत होता है।

नेगी ने पत्रकारों से वार्ता के दौरान कहा कि एसटीएफ द्वारा फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए भूमि हड़पने के इस प्रकरण में दो पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। खास बात यह है कि दोनों की तैनाती पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कार्यालय में विशेष कृपा या मौखिक आदेश से की गई थी। यह स्थिति अपने आप में संदेह पैदा करती है कि कहीं इस पूरे प्रकरण में आईजी कार्यालय की भूमिका संदिग्ध तो नहीं रही।

मोर्चा अध्यक्ष नेगी ने कहा कि सरकार को तत्काल इन दोनों गिरफ्तार पुलिस कर्मियों का नार्को टेस्ट कराने की दिशा में कदम उठाना चाहिए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर उन्हें हरिद्वार स्थानांतरित करने के पीछे कौन-सा ‘बड़ा हाथ’ था। उन्होंने सवाल उठाया कि —

“क्यों आईजी कार्यालय से मौखिक आदेश पर इन्हें हरिद्वार भेजा गया?
किसके दबाव या सिफारिश पर यह तबादले हुए?
क्या यह संभव है कि फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी किसी उच्चाधिकारी के दबाव में कराई गई हो?”

नेगी ने कहा कि इस मामले में केवल “छोटी मछलियाँ” पकड़ी गई हैं, जबकि “बड़े मगरमच्छ” अभी भी खुले घूम रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर आईजी राजीव स्वरूप की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि—

“कहीं यह पूरा खेल उनके संरक्षण में तो नहीं हुआ?
क्यों अब तक कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच नहीं की जा रही?
पार्षदों, गैंगस्टरों, पुलिसकर्मियों और बड़े मगरमच्छों के गठजोड़ का पर्दाफाश आखिर क्यों नहीं हो रहा?”

मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि जनता अपराधियों से बचने के लिए पुलिस पर भरोसा करती है, लेकिन जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो न्याय की उम्मीद कहां से की जाए। उन्होंने सरकार से मांग की कि न्याय के सिद्धांत के तहत आईजी राजीव स्वरूप को तत्काल पदमुक्त कर, गिरफ्तार पुलिस कर्मियों का नार्को टेस्ट कराया जाए, ताकि पूरे प्रकरण की सच्चाई जनता के सामने आ सके।

अंत में नेगी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस गंभीर घोटाले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई, तो जन संघर्ष मोर्चा सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को विवश होगा।

पत्रकार वार्ता में मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य दिलबाग सिंह और प्रवीण शर्मा पिन्नी भी उपस्थित रहे।