नवरात्र पर मिलावटी कुट्टू आटा बेचने वालों पर शिकंजा, एफडीए अलर्ट मोड में
देहरादून, 13 सितम्बर।, (उत्तराखंड बोल रहा है)
नवरात्र और त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं को शुद्ध व सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखंड सरकार ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने मिलावटी कुट्टू आटे पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी व्यापारी बिना लाइसेंस या पंजीकरण के कुट्टू का आटा नहीं बेच सकेगा। यह केवल सीलबंद पैकिंग में ही उपलब्ध होगा। पैकेट पर निर्माण तिथि, अवसान तिथि, पता और लाइसेंस नंबर अंकित करना अनिवार्य होगा।
एफडीए की कार्ययोजना के तहत—
नवरात्र से पहले थोक और फुटकर विक्रेताओं की पहचान कर भंडारण, पैकिंग और लेबलिंग की जांच होगी।
नवरात्र के दौरान आकस्मिक निरीक्षण किए जाएंगे।
खुले में कुट्टू आटा बेचने पर रोक रहेगी।
ऑनलाइन आपूर्ति और विक्रय पर भी निगरानी रखी जाएगी।
कारोबारी को खरीद-बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा।
विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रत्येक जिले में क्विक रिस्पॉन्स टीम गठित की जाएगी, जो कुट्टू आटे के सेवन से बीमार होने संबंधी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई करेगी।
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने मिलावटखोरों को कड़ी चेतावनी दी कि त्योहारों के समय किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि संदिग्ध खाद्य सामग्री की सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
