देहरादून में बड़ा ऐक्शन: प्रॉपर्टी डीलर से लेकर डिलीवरी एजेंट तक—सबका होगा सत्यापन, डीजीपी
देहरादून। (उतराखंड बोल रहा है) गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। दीपम सेठ के निर्देश पर अब राज्यभर में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। साफ संदेश—संदिग्धों को शरण दी तो बख्शा नहीं जाएगा।
🏢 रियल एस्टेट पर कड़ी नजर
अब प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट और ब्रोकर का अनिवार्य सत्यापन होगा।
उनके माध्यम से कराए गए किरायेदारी अनुबंधों की भी जांच की जाएगी।
बिना पुलिस वेरिफिकेशन किरायेदारी कराना या संदिग्ध व्यक्ति को आश्रय देना भारी पड़ सकता है।
🏨 होटल, पीजी, आश्रम से लेकर होम-स्टे तक जांच
मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट, किराए के मकान, फ्लैट, पीजी, होम-स्टे, होटल, गेस्ट हाउस, आश्रम और धर्मशालाओं में रहने वाले लोगों का सत्यापन किया जाएगा।
🚚 ई-कॉमर्स और डिलीवरी नेटवर्क भी रडार पर
होम डिलीवरी और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जुड़े कार्मिकों का भी विशेष सत्यापन होगा।
Amazon, Zomato और Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी एजेंटों की पहचान और रिकॉर्ड की जांच प्राथमिकता पर की जाएगी।
साथ ही सिक्योरिटी एजेंसी स्टाफ, कैब संचालक और इंडस्ट्रियल एरिया के ठेकेदार भी जांच के दायरे में रहेंगे।
🎥 सीसीटीवी और सुरक्षा कर्मियों की होगी पड़ताल
मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कोचिंग संस्थान, स्कूल, विश्वविद्यालय, जिम, ट्रांसपोर्ट एजेंसी, ब्यूटी पार्लर और अन्य प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता और रिकॉर्डिंग सिस्टम की जांच की जाएगी।
तैनात सुरक्षा कर्मियों का चरित्र सत्यापन और सुरक्षा ब्रीफिंग अनिवार्य होगी।
🌍 अवैध प्रवासियों पर सख्ती
अवैध रूप से निवास कर रहे प्रवासियों, विशेषकर बांग्लादेशी घुसपैठियों और वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी ठहरे विदेशी नागरिकों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
👮♂️ सीओ से आईजी तक होगी मॉनिटरिंग
अभियान में जनपदीय पुलिस, एलआईयू, एसओजी और एसटीएफ संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे।
हर थाना स्तर पर फील्ड टीमें गठित की गई हैं।
सीओ से लेकर आईजी रेंज तक समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
👵 वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा पर फोकस
एकल नागरिकों और वरिष्ठ नागरिकों का चिन्हीकरण कर उनकी सुरक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा।
घरेलू सहायकों, ड्राइवर, केयरटेकर आदि का भी अनिवार्य सत्यापन होगा।
डीजीपी का साफ संदेश:
“अपराधियों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं। कानून से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।”
यह अभियान उत्तराखंड में सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
