पहाड़ की मिट्टी में मोदी की महक — रजत जयंती पर देवभूमि को विकास और विश्वास की सौगात

पहाड़ की मिट्टी में मोदी की महक — रजत जयंती पर देवभूमि को विकास और विश्वास की सौगात

देहरादून।, विशेष संवाददाता ,उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एफआरआई, देहरादून में ऐतिहासिक आगमन केवल योजनाओं का लोकार्पण नहीं, बल्कि “नए उत्तराखंड” के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की गूंज थी। सिर पर पहाड़ी टोपी और भाषण में गढ़वाली-कुमाऊँनी लहजा—“भै बंधु, दीदी, भुलियों, दाना स्यानो, आप सबू तई म्यारू नमस्कार, पैलाग!”—ने जनसमूह में भावनाओं का ज्वार पैदा कर दिया।
मोदी बोले—“पहली पहाड़ की चढ़ाई विकास की बाट रोक दी थी, अब नई राह खुल चुकी है।”

₹8260 करोड़ की सौगात से विकास का नया अध्याय

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर ₹8260.72 करोड़ की 31 विकास योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया।
मुख्य परियोजनाओं में सौंग बांध (₹2491.96 करोड़) और जमरानी बांध (₹2584.10 करोड़) शामिल हैं, जो पेयजल, सिंचाई और बिजली के क्षेत्र में राज्य की दशकों पुरानी समस्या का समाधान करेंगे।
इसके अलावा—

लोहाघाट महिला स्पोर्ट्स कॉलेज (₹256.96 करोड़)

राजाजी टाइगर रिजर्व में चौरासी कुटिया का पुनरोद्धार (₹100.89 करोड़)

राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेजों का विस्तार (₹100.67 करोड़)

400 केवी पीपलकोटी स्विचिंग स्टेशन (₹340.29 करोड़)

दुग्ध संघ लालकुआं में आधुनिक डेयरी संयंत्र (₹80.77 करोड़)
जैसी योजनाएं उत्तराखंड को आत्मनिर्भरता और “ग्रीन एनर्जी” की दिशा में अग्रसर करेंगी।


“यह दशक उत्तराखंड का दशक है”—मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, “25 वर्ष पहले अटल बिहारी वाजपेयी जी के नेतृत्व में बना यह राज्य अब अपने उत्कर्ष काल में है।”
उन्होंने बताया कि राज्य का बजट अब 4 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। बिजली उत्पादन चार गुना, सड़कें दोगुनी और मेडिकल कॉलेजों की संख्या दस गुना बढ़ी है।
मोदी बोले—“उत्तराखंड का हर नागरिक अब भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प में भागीदार है।”

स्वच्छता का संदेश और संवाद की शैली

समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं, युवाओं और पर्यटन उद्यमियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा, “उत्तराखंड की असली ताकत उसके लोग हैं—यह राज्य आत्मनिर्भरता और सामुदायिक नेतृत्व का प्रतीक है।”
स्वच्छता के प्रति अपने समर्पण का उदाहरण देते हुए, उन्होंने मंच पर कॉफी टेबल बुक की लांचिंग के समय रिबन का टुकड़ा जेब में रखकर सशक्त संदेश दिया—“स्वच्छता कोई कार्यक्रम नहीं, संस्कार है।”

डाक टिकट और किसानों के लिए सौगात

प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर पर आधारित विशेष डाक टिकट श्रृंखला का लोकार्पण किया। साथ ही, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 28,000 किसानों के खातों में ₹62 करोड़ की राशि डीबीटी के माध्यम से जारी की।

“विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड जरूरी”—धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य “2047 तक विकसित भारत के विजन” में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा—“समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी और नकल विरोधी कानूनों के माध्यम से उत्तराखंड सामाजिक संतुलन व न्याय की दिशा में उदाहरण बन रहा है।”
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनशीलता ने केदारनाथ त्रासदी, जोशीमठ भू-धंसाव और सिलक्यारा टनल जैसी कठिन घड़ियों में उत्तराखंड को शक्ति दी।

मोदी युग का स्वर्ण अध्याय

देवभूमि की रजत जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उत्तराखंड की मिट्टी में “विकास की महक” छोड़ गया।
अब पहाड़ की चोटियों से लेकर घाटियों तक एक ही स्वर गूंज रहा है—
“यह दशक उत्तराखंड का दशक है… और उत्तराखंड का हर कदम मोदी के विकास पथ पर!”