दो माह से वेतन को तरसे 750 बीआरपी-सीआरपी कार्मिक,
(उत्तराखंड बोल रहा है)
जन संघर्ष मोर्चा ने शिक्षा मंत्री पर साधा निशाना
विकासनगर। समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रदेशभर में कार्यरत करीब 750 बीआरपी/सीआरपी कार्मिकों को दो माह से वेतन नहीं मिलने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जन संघर्ष मोर्चा ने इसको लेकर प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।
जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएनवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण बीआरपी/सीआरपी कार्मिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों के परिवारों का गुजर-बसर कैसे हो रहा है, मकान का किराया और बच्चों की फीस समय पर जमा हो पा रही है या नहीं, इसकी चिंता विभागीय मंत्री को दिखाई नहीं दे रही है।
नेगी ने शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि विभाग को समय रहते भारत सरकार से समन्वय स्थापित कर कार्मिकों के वेतन की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के महत्वपूर्ण विभागों में कार्यरत कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि किसी कर्मचारी को लगातार दो माह तक वेतन न मिले तो उसका परिवार कैसे चलेगा? सरकार को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर बीआरपी/सीआरपी कार्मिकों का लंबित वेतन जारी करवाना चाहिए।
जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि यदि सरकार ने इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया तो मोर्चा आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर कर्मचारियों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए।
पत्रकार वार्ता में हाजी असद एवं प्रवीण शर्मा पिन्नी मौजूद रहे।
