वृद्धावस्था पेंशन फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई की मांग, पूरे प्रदेश में चलाया जाए सघन अभियान: मोर्चा
(उत्तराखंड बोल रहा है)
50-55 साल के लोग उठा रहे वृद्धावस्था पेंशन का लाभ!
संस्तुति कर्ता और लाभार्थी दोनों पर दर्ज हो मुकदमा, हो रिकवरी
वोट बैंक की राजनीति में नियमों की अनदेखी का आरोप
देहरादून में ही 1000 से अधिक संदिग्ध लाभार्थियों की आशंका
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने वृद्धावस्था पेंशन में हो रहे कथित फर्जीवाड़े को लेकर सरकार से प्रदेशव्यापी सघन अभियान चलाने की मांग की है। पत्रकारों से वार्ता करते हुए नेगी ने कहा कि जनपद देहरादून के एक गांव में अधिक उम्र दर्शाकर पेंशन लेने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना सराहनीय कदम है, लेकिन इसी तर्ज पर पूरे प्रदेश में व्यापक जांच अभियान चलाया जाना चाहिए।
नेगी ने आरोप लगाया कि 50-55 वर्ष की आयु के कई लोग कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वयं को अधिक आयु का दर्शाकर वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल लाभार्थियों ही नहीं, बल्कि संस्तुति करने वाले जनप्रतिनिधियों, संबंधित अधिकारियों और बिचौलियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि फर्जी तरीके से प्राप्त की गई पेंशन राशि की रिकवरी लाभार्थी और संस्तुति कर्ता दोनों से की जाए तथा ऐसे जनप्रतिनिधियों पर भविष्य में चुनाव लड़ने पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जाए।
नेगी ने आशंका जताई कि अकेले जनपद देहरादून में ही 1000 से अधिक लोग संदिग्ध रूप से वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं। यदि सरकार पूरे प्रदेश में निष्पक्ष और कठोर अभियान चलाती है तो हजारों की संख्या में जालसाज बेनकाब होंगे और सरकारी धन की बड़ी बचत संभव होगी।
पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह और प्रवीण शर्मा पिन्नी भी उपस्थित रहे।
