क्या हम क्रांतिकारियों की शहादत का मोल चुका पाए?

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क्या हम क्रांतिकारियों की शहादत का मोल चुका पाए?
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विकासनगर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, ढालीपुर में स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने बतौर मुख्य अतिथि ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले महान क्रांतिकारियों एवं बलिदानियों को नमन किया।

इस अवसर पर नेगी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस प्रत्येक भारतवासी के लिए गौरव और सम्मान का दिन है। देश के प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह राष्ट्र, समाज और देशवासियों के हित में अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देकर अपना फर्ज निभाए।

उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है कि आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले क्रांतिकारियों और बलिदानियों को भुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने वर्षों तक जेल की काल कोठरियों में यातनाएं सहीं और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया, उनके प्रति केवल श्रद्धांजलि अर्पित करना पर्याप्त नहीं है। उनके आदर्शों और विचारों को जीवन में उतारकर राष्ट्रहित में कार्य करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

विद्यालय के प्रधानाचार्य वेद प्रकाश शर्मा ने कहा कि समाज और देश के किसी भी क्षेत्र में ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ अपना योगदान देना ही क्रांतिकारियों एवं बलिदानियों की शहादत का वास्तविक सम्मान है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और त्याग से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष ज्ञानचंद, शिक्षक सुदेश कुमार, संजय परमार, विनोद कुमार, अंकित देशवाली, रमेश नेगी, राहुल कुमार एवं नरेंद्र कुमार सहित जन संघर्ष मोर्चा के हाजी असद और प्रवीण शर्मा पिन्नी, शिक्षकगण, अभिभावक तथा छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।