उपनल कर्मियों की तर्ज पर डाटा एंट्री ऑपरेटरों को भी मिले समान कार्य-समान वेतन का लाभ: रघुनाथ सिंह नेगी

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उपनल कर्मियों की तर्ज पर डाटा एंट्री ऑपरेटरों को भी मिले समान कार्य-समान वेतन का लाभ: रघुनाथ सिंह नेगी

15 से 20 वर्षों से सेवाएं दे रहे करीब 120 कार्मिकों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा उठाएगा जन संघर्ष मोर्चा
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विकासनगर। प्रदेश की तहसीलों में भूलेख केंद्रों पर वर्षों से सेवाएं दे रहे डाटा एंट्री ऑपरेटरों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ दिलाने की मांग उठने लगी है। जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार से इन कार्मिकों को उपनल कर्मचारियों की भांति वेतन सुविधा देने की मांग की है।
मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि प्रदेशभर की तहसीलों में लगभग 120 कंप्यूटर ऑपरेटर एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर पिछले 15 से 20 वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन वर्तमान में उन्हें महज 15 से 16 हजार रुपये मासिक मानदेय मिल रहा है। इतनी कम धनराशि में परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
नेगी ने कहा कि राजस्व विभाग के जून 2016 के शासनादेश के तहत इन कार्मिकों को उपनल कर्मियों की भांति मानदेय दिए जाने का प्रावधान रहा है। वहीं, वर्तमान में उपनल के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ अनुमन्य किए जाने के बाद डाटा एंट्री ऑपरेटर भी इस सुविधा के हकदार हैं। ऐसे में इन्हें इस लाभ से वंचित रखना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि ये कार्मिक केवल खतौनियां तैयार करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आरओआर वितरण, निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों और जनगणना जैसे जिम्मेदारियों से जुड़े कार्यों का भी निर्वहन करते हैं। इसके बावजूद वर्षों की सेवा के बाद भी उन्हें अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नेगी ने स्पष्ट किया कि मोर्चा इन कार्मिकों की मांग और पीड़ा को जल्द ही सरकार के समक्ष रखेगा, ताकि इन्हें भी समान कार्य के अनुरूप वेतन का लाभ मिल सके।
पत्रकार वार्ता में बीएल टम्टा एवं अतुल हांडा मौजूद रहे।