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देहरादून। राजधानी देहरादून के एक निजी स्कूल में छात्राओं के साथ कथित अनुचित व्यवहार का मामला सामने आने के बाद विवाद बढ़ता जा रहा है। शनिवार को स्कूल के बाहर एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं होने और आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज न किए जाने पर नाराजगी जताई। वहीं, जिला प्रशासन की ओर से गठित चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के हस्तक्षेप के बाद छात्रा ने पुलिस को तहरीर दे दी है। पुलिस के अनुसार, तहरीर के आधार पर मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया की जा रही है।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के हस्तक्षेप के बाद दी तहरीर
मामले को लेकर देहरादून के सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी ने बताया कि प्रकरण संज्ञान में आने के बाद चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने छात्रा और उसके अभिभावकों से संपर्क किया। सामाजिक परिस्थितियों और मर्यादा के चलते शुरुआत में परिवार सामने आने से झिझक रहा था। हालांकि, कमेटी की ओर से समझाए जाने के बाद छात्रा ने पुलिस को शिकायत दी है।
सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक, छात्रा की तहरीर के आधार पर पुलिस संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। विद्यालय केवल शिक्षा देने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के लिए दूसरा परिवार भी होता है। ऐसे में स्कूलों को पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।
स्कूल प्रबंधन पर सहयोग नहीं करने का आरोप
शनिवार को स्कूल के बाहर प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई से जुड़े छात्र नेताओं ने स्कूल प्रबंधन पर मामले में उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिकायत सामने आने के बावजूद प्रबंधन की ओर से अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए।
सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी ने कहा कि यदि छात्र संघ की ओर से जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया जाता है, तो मामले की जांच कराकर शिक्षा विभाग के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी पक्ष को अपनी जिम्मेदारी से बचना नहीं चाहिए।
आरोपी शिक्षक ने सोशल मीडिया पर रखा अपना पक्ष
वहीं, छात्राओं के साथ कथित अनुचित व्यवहार के आरोपों के बीच संबंधित फिजिक्स शिक्षक ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रखा है। शिक्षक ने कहा कि उनके 25 साल के अध्यापन करियर में पहली बार इस तरह के आरोप लगे हैं।
उन्होंने कहा कि वह सभी बच्चों के साथ अपने बेटे-बेटियों की तरह व्यवहार करते हैं। शिक्षक के मुताबिक, सोशल मीडिया पर मामले से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद उनके परिवार ने उन्हें अपना पक्ष रखने की सलाह दी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी बच्चे को लगता है कि उनसे कोई गलती हुई है, तो वह उसके लिए माफी मांगते हैं।
15 छात्राओं के हस्ताक्षर वाली शिकायत का दावा
जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर को एक छात्रा अपनी मां के साथ स्कूल पहुंची थी और प्रबंधन से संबंधित शिक्षक के खिलाफ शिकायत की थी। पीड़ित परिवार का दावा है कि शिकायत पत्र पर 15 छात्राओं के हस्ताक्षर हैं।
परिवार का आरोप है कि इससे पहले 15 अक्टूबर को भी शिक्षक के खिलाफ शिकायत की गई थी। उस समय स्कूल प्रबंधन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में छात्रा पर दबाव बनाया जाने लगा। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल के डायरेक्टर ने शिक्षक का पक्ष लिया।
परिवार ने आरोपी शिक्षक को बर्खास्त करने और डायरेक्टर से स्कूल की असेंबली में सभी विद्यार्थियों के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
फिलहाल, मामले में पुलिस की कार्रवाई और शिक्षा विभाग की जांच महत्वपूर्ण होगी। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
