सादगी की मिसाल: मंदिर में रचाई शादी, निराश्रित गौवंश को दान किया 15 क्विंटल भूसा

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सादगी की मिसाल: मंदिर में रचाई शादी, निराश्रित गौवंश को दान किया 15 क्विंटल भूसा
(उत्तराखंड बोल रहा है)
विकासनगर/जौनसार-बावर। बदलते दौर में जहां शादियों में दिखावा और फिजूलखर्ची आम बात हो गई है, वहीं जौनसार-बावर क्षेत्र के थेत्योऊ गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सतपाल चौहान ने सादगी और सेवा का अनूठा उदाहरण पेश किया। उन्होंने चंदोऊ गांव की रवीना के साथ साहिया मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सात फेरे लेकर विवाह संस्कार संपन्न किया और शादी में होने वाले खर्च को समाजहित में लगाते हुए निराश्रित गौवंश के लिए 15 क्विंटल भूसा दान किया।


नवविवाहित जोड़े ने बिना तामझाम के, सीमित परिजनों और मित्रों की उपस्थिति में सादा विवाह किया। न शादी के कार्ड छपवाए गए, न बारात की घोड़ी सजाई गई। सतपाल चौहान ने कहा कि उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि विवाह मंदिर में करेंगे और बची हुई धनराशि से साहिया स्थित गौशाला में योगदान देंगे।
विवाह के बाद नवदंपति स्वयं गौशाला पहुंचे, गायों की सेवा की और आशीर्वाद लिया। उनकी इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। ऐसे समय में जब कई स्थानों पर शादियों में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, यह कदम एक सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश दे रहा है।


गौ सेवा समिति के अध्यक्ष राकेश चौहान ने बताया कि पिछले दो वर्षों से लगभग 70 निराश्रित गायों का पालन-पोषण किया जा रहा है और सभी के सहयोग से गौशाला का संचालन सुचारू रूप से चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है जब किसी नवविवाहित जोड़े ने विवाह के अवसर पर चारा दान किया है। यदि लोग इस तरह के सामाजिक दायित्व को समझें तो गौवंश की सेवा और संरक्षण और अधिक सुदृढ़ हो सकता है।
समिति के कोषाध्यक्ष मोहनलाल शर्मा ने भी इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज में ऐसे उदाहरण नई सोच को जन्म देते हैं।
इस अवसर पर सतपाल चौहान का परिवार, मोहनलाल शर्मा, बलबीर राठौर, सतपाल राय, बिरेंद्र लाल, महेंद्र राय, महिपाल राय, गंभीर सिंह चौहान सहित समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
संदेश साफ है — सादगी में ही वास्तविक सुख है और समाज सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव।