गोल्डन कार्ड से इलाज दिलाने में नाकाम स्वास्थ्य मंत्री की बर्खास्तगी को दहाड़ा जन संघर्ष मोर्चा

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गोल्डन कार्ड से इलाज दिलाने में नाकाम स्वास्थ्य मंत्री की बर्खास्तगी को दहाड़ा जन संघर्ष मोर्चा

हर मोर्चे पर विफल साबित हो चुके हैं स्वास्थ्य मंत्री – रघुनाथ सिंह नेगी
विकासनगर।(उत्तराखंड बोल रहा है)
प्रदेश के कार्मिकों एवं पेंशनर्स को गोल्डन कार्ड के माध्यम से समुचित इलाज दिलाने में पूरी तरह विफल रहे स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत की बर्खास्तगी की मांग को लेकर जन संघर्ष मोर्चा ने मंगलवार को तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उपजिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।


इस दौरान नेगी ने कहा कि गोल्डन कार्ड योजना सरकार की बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में से एक है, लेकिन विसंगतियों और विभागीय लापरवाही के चलते अधिकांश सूचीबद्ध अस्पतालों में आज भी कैशलेस इलाज नहीं मिल पा रहा है। परिणामस्वरूप प्रदेश के कार्मिक एवं पेंशनर्स इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। कई पेंशनर्स को तो मजबूरी में रिश्तेदारों व परिचितों से उधार लेकर या ब्याज पर कर्ज लेकर इलाज कराना पड़ रहा है, जो बेहद चिंताजनक और अमानवीय स्थिति है।
नेगी ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और अधिकारियों पर नियंत्रण की कमी के कारण प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अस्पतालों में खुलेआम लूट-खसोट, आपात स्थिति में मरीजों को इलाज न मिलना, रेफरल सिस्टम की विफलता, गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार न मिलने से हो रही मौतें, खराब मशीनें, स्टाफ की भारी कमी और दुर्गम क्षेत्रों में चिकित्सकों की तैनाती न होना—ये सभी स्वास्थ्य मंत्री की नाकामी का प्रमाण हैं।


उन्होंने कहा कि बीते कुछ महीनों में स्वास्थ्य सेवाएं जिस तरह ध्वस्त हुई हैं, उसने मंत्री की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सरकारी व निजी अस्पतालों द्वारा आयुष्मान व गोल्डन कार्ड धारकों से अवैध वसूली, फर्जी बिल, आपात स्थिति में आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा न मिलना तथा गंभीर मरीजों की इलाज के अभाव में हो रही मौतें प्रदेश के लिए शर्मनाक हैं। स्वास्थ्य मंत्री की ढीली पकड़ और मौज-मस्ती का ही नतीजा है कि माननीय न्यायालय को बार-बार इन अव्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को तलब करना पड़ रहा है।
जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार से स्पष्ट मांग की कि ऐसे विफल, गैर-जिम्मेदार और जनता के स्वास्थ्य के प्रति असंवेदनशील मंत्री को तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर बाहर का रास्ता दिखाया जाए, ताकि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में वास्तविक सुधार हो सके।


प्रदर्शन/घेराव में प्रमुख रूप से मोर्चा महासचिव आकाश पंवार, विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह, मोहम्मद आरिफ, गालिब प्रधान, हाजी असद, रूपचंद, सलीम मुजीब रहमान, महेंद्र सिंघल, सुधीर गौड, प्रवीण शर्मा पिन्नी, वाहिद कुरैशी, दीपांशु अग्रवाल, राजेंद्र पंवार, नरेंद्र तोमर, गजपाल रावत, मान चंद्र राणा, परवीन, इदरीश, सफदर, विक्रम पाल, गौरव लोधा, मनीष नेगी, भीम सिंह बिष्ट, टीकाराम उनियाल, विनोद रावत, परिमल गोस्वामी, निशा खातून, गोविंद नेगी, दिनेश राणा, रहबर अली, नानक सिंह, प्रमोद शर्मा, नरेश ठाकुर, श्रवण गर्ग, विनोद जैन, नाहिद खान, इमरान, मनीष कुमार, बुशरा, हुमा खान, क्रिस्टीना, रईस, रहमान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।