जमरानी बांध परियोजना का मंत्री सतपाल महाराज ने किया निरीक्षण, तय समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश

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3,808 करोड़ की बहुउद्देशीय परियोजना से 57 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को मिलेगा सिंचाई का पानी, हल्द्वानी के 10 लाख से अधिक लोगों को होगी पेयजल की आपूर्ति

हल्द्वानी। उत्तराखंड के सिंचाई, पर्यटन, लोक निर्माण एवं ग्रामीण निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने रविवार को नैनीताल जिले में निर्माणाधीन जमरानी बहुउद्देशीय बांध परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।

काठगोदाम से लगभग 10 किलोमीटर दूर गोला नदी पर निर्माणाधीन इस महत्वाकांक्षी परियोजना को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री ने परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

57 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि 3,808 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रही जमरानी बांध परियोजना से नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के बरेली और रामपुर जिलों की लगभग 57,066 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हल्द्वानी के 10 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा पेयजल

मंत्री ने बताया कि जमरानी बांध परियोजना से हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले 10 लाख से अधिक लोगों को प्रतिवर्ष 42.70 मिलियन क्यूबिक मीटर पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

इससे क्षेत्र में बढ़ती आबादी की पेयजल जरूरतों को पूरा करने और भविष्य में जल संकट की चुनौती से निपटने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सालाना 63.4 मिलियन यूनिट बिजली का होगा उत्पादन

जमरानी बांध परियोजना से प्रतिवर्ष 63.4 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन भी प्रस्तावित है। इससे क्षेत्र की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में योगदान मिलेगा।

इसके अलावा मानसून के दौरान बाढ़ नियंत्रण और नदी के प्रवाह को नियमित करने में भी परियोजना की अहम भूमिका होगी। जलाशय क्षेत्र में मत्स्य पालन और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।

अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान सतपाल महाराज ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के अनुसार पूरे किए जाएं। उन्होंने परियोजना के महत्व को देखते हुए निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।