बीएलओ/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर जन संघर्ष मोर्चा ने उठाए सवाल, कार्यभार और मानदेय पर सरकार को घेरा

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बीएलओ/आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत पर जन संघर्ष मोर्चा ने उठाए सवाल, कार्यभार और मानदेय पर सरकार को घेरा
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विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा ने बागेश्वर जिले के कांडा क्षेत्र के बांसतौली गांव में एक बीएलओ एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मौत के मामले को गंभीर बताते हुए सरकार से इसकी निष्पक्ष जांच और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्य परिस्थितियों पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है।
मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि यदि यह घटना अत्यधिक कार्यभार और मानसिक दबाव से जुड़ी है, तो यह पूरे प्रदेश के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में बीएलओ और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर एसआईआर सहित कई अतिरिक्त जिम्मेदारियां डाली गई हैं, जिससे वे लगातार मानसिक दबाव में काम कर रहे हैं।
नेगी का कहना है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय एक मजदूर की दैनिक मजदूरी से भी कम है, जबकि उन्हें आंगनवाड़ी के नियमित कार्यों के साथ चुनाव संबंधी जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर जैसे जटिल कार्य को पूरा करने में कई जगह पूरा परिवार तक सहयोग करने को मजबूर है।
मोर्चा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को घटिया गुणवत्ता के पोषाहार, सड़े-गले अंडों और निम्न गुणवत्ता वाले सेनेटरी नैपकिन के वितरण की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों, सुविधाओं और मानदेय की समीक्षा कर उन्हें राहत दी जाए।
जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार से मांग की कि बागेश्वर की घटना की सभी पहलुओं से निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कार्यभार या अन्य प्रशासनिक कारण सामने आते हैं तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
पत्रकार वार्ता में विजय राम शर्मा और हाजी असद भी उपस्थित रहे।