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विधायकों को मुफ्त इलाज, तो उपनल कर्मियों को क्यों नहीं? गोल्डन कार्ड सुविधा की मांग को लेकर मोर्चा का सरकार पर हमला
(उत्तराखंड बोल रहा है)
विकासनगर। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने उपनल कर्मियों को गोल्डन कार्ड की सुविधा से वंचित रखने पर सरकार और जनप्रतिनिधियों पर तीखा हमला बोला है। पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के हजारों उपनल कर्मी चिकित्सा सुविधा के अभाव में हर समय भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
नेगी ने कहा कि अल्प वेतन पाने वाले उपनल कर्मियों में यदि कोई गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाता है तो उसके सामने घर और जमीन-जायदाद तक बेचने की नौबत आ जाती है, लेकिन इस वर्ग की चिंता करने का समय न तो विधायकों के पास है और न ही मंत्रियों के पास। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वर्तमान और पूर्व विधायकों, मंत्रियों तथा उनके परिजनों को आजीवन मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध है, तो प्रदेश के हजारों उपनल कर्मियों को गोल्डन कार्ड योजना के दायरे में क्यों नहीं लाया जा रहा है।
मोर्चा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश के अन्य कर्मचारियों को गोल्डन कार्ड की सुविधा मिल रही है, लेकिन उपनल कर्मियों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि समान कार्य-समान वेतन और नियमितीकरण जैसे महत्वपूर्ण मामलों में भी केवल फाइलें घूम रही हैं, जबकि जनप्रतिनिधियों की चुप्पी उनकी संवेदनहीनता को दर्शाती है।
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि आखिर उपनल कर्मियों के जीवन का भी उतना ही महत्व है जितना किसी विधायक या मंत्री का। उन्होंने स्पष्ट किया कि जन संघर्ष मोर्चा जल्द ही उपनल कर्मियों को गोल्डन कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सरकार के समक्ष मामला मजबूती से उठाएगा।
पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह तथा प्रवीण शर्मा पिन्नी भी मौजूद रहे।
