सड़े अंडों और घटिया पोषाहार पर भड़का जनाक्रोश, मंत्री रेखा आर्य की बर्खास्तगी की मांग को लेकर तहसील पर गरजा जन संघर्ष मोर्चा

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सड़े अंडों और घटिया पोषाहार पर भड़का जनाक्रोश, मंत्री रेखा आर्य की बर्खास्तगी की मांग को लेकर तहसील पर गरजा जन संघर्ष मोर्चा

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गर्भवती महिलाओं और मासूम बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का आरोप

दोषियों पर कार्रवाई और मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाने की उठी मांग

विकासनगर। प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को वितरित किए जा रहे कथित रूप से सड़े-गले अंडों और निम्न गुणवत्ता वाले पोषाहार को लेकर जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को मोर्चा कार्यकर्ताओं ने तहसील परिसर में जोरदार प्रदर्शन और घेराव करते हुए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य की बर्खास्तगी की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी विनोद कुमार को सौंपा गया।
मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्लाई किए जा रहे अंडों की गुणवत्ता बेहद खराब है और कई स्थानों पर अंडे सड़े हुए पाए गए हैं। उनका कहना था कि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण देने के नाम पर उनके स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है।


रघुनाथ सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों को अंडों की आपूर्ति करने वाली कथित फर्म अथर्व एंटरप्राइजेज द्वारा बेहद छोटे आकार के और बाजार में रिजेक्ट किए गए अंडे उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई अंडों को फोड़ने पर उनमें से दुर्गंध निकल रही है, जो उनके खराब होने का प्रमाण है। इतना ही नहीं, कई बार दो-दो और तीन-तीन महीनों का कोटा एक साथ केंद्रों को थमा दिया जाता है, जिससे उनके खराब होने की आशंका और बढ़ जाती है।
मोर्चा नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में वितरित किए जा रहे दलिया, सत्तू, भोग हलवा समेत अन्य बाल पोषाहार की गुणवत्ता भी बेहद निम्न स्तर की है। उनका कहना था कि केंद्रीय भंडार, मसूरी के माध्यम से भेजे जा रहे इन खाद्य पदार्थों में कई बार एक्सपायरी डेट के करीब पहुंच चुके या घटिया गुणवत्ता के उत्पाद शामिल होते हैं, जिन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर जबरन थोपने का कार्य किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिस पोषाहार को छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए पौष्टिक बताया जा रहा है, उसे खाने तक के लिए लोग तैयार नहीं हैं। मोर्चा नेताओं ने कहा कि यदि समय रहते इस गंभीर मामले पर रोक नहीं लगाई गई तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है।
जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार से तत्काल प्रभाव से सड़े-गले अंडों और निम्न गुणवत्ता वाले पोषाहार के वितरण पर रोक लगाने, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित मंत्री के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रदर्शन एवं घेराव कार्यक्रम में विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह, मोहम्मद आरिफ, के.सी. चंदेल, राम सिंह तोमर, ग़ालिब प्रधान, अमित जैन, मुजीबुर रहमान सलीम, अनुपम कपिल, युवराज तोमर, विनोद पड्डा, शिवनारायण अग्रवाल, हाजी असद, प्रवीण शर्मा पिन्नी, अंकुर वर्मा, संजय गुप्ता, रूपचंद, पूरन सिंह राघव, मनोज राय, प्रोवीर दास, महेंद्र सिंघल, गौरव लोधा, राजकुमार गोयल, प्रमोद शर्मा, भीम सिंह बिष्ट, अशोक गुप्ता, अतुल हांडा, विनय सजवान, मनीष नेगी, दरबान सिंह असवाल, अंकुर चौरसिया, विनय गुप्ता, अरविंद साहनी, भरत सिंघल, गोविंद सिंह नेगी, यूनुस, सोमपाल, राजेंद्र पंवार, एम.ए. सिद्दीकी, विक्रम पाल, इदरीश, दिनेश राणा, श्रवण गर्ग, शमशाद, अकरम सलमानी, वाहिद कुरैशी, गुरचरण सिंह, गुलाब सिंह बिष्ट, मो. नसीम, मो. इस्लाम, मो. आसिफ, इमरान, मन्नान, राघव भल्ला, जसकीरत सिंह, संतोष शर्मा, सुरजीत सिंह, जयपाल सिंह, सलीम मिर्जा, बिल्लू गिल्बर्ट, सोनू, सफीक पांडा, मेहंदी हसन, ऋषिपाल, कय्यूम, गफूर, जसवीर, रजनीश शर्मा, विनोद टाइट्स, संजय पटेल, सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में मोर्चा कार्यकर्ता मौजूद रहे।