व्यावसायिक प्रशिक्षकों और छात्रों के भविष्य को लेकर मोर्चा ने   तहसील का घेराव कर गरजे  कहा युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे सरकार’

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व्यावसायिक प्रशिक्षकों और छात्रों के भविष्य को लेकर मोर्चा ने   तहसील का घेराव कर गरजे  कहा युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बंद करे सरकार’

शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत की बर्खास्तगी की मांग, 296 प्रशिक्षकों और 25-30 हजार छात्रों के भविष्य पर चिंता जताई

विकासनगर। समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम को लेकर जन संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए विकासनगर तहसील का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चा कार्यकर्ताओं ने व्यावसायिक प्रशिक्षकों और छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता जताते हुए शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के बाद मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी की गैरमौजूदगी में नायब नाजिर श्री बिजल्वान को सौंपा।

प्रदर्शन के दौरान मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि राज्य के करीब 200 विद्यालयों और 28 स्पोक विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के स्थगित होने तथा अनुबंध की अवधि आगे नहीं बढ़ाए जाने से 296 व्यावसायिक प्रशिक्षकों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। वहीं, इस योजना से जुड़े करीब 25 से 30 हजार छात्रों के भविष्य को लेकर भी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।

नेगी ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षकों के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न व्यावसायिक कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना था। ऐसे में कार्यक्रम के रुकने से छात्रों की शिक्षा प्रभावित होने के साथ ही प्रशिक्षकों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है।

उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम की अनुबंध अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है और इसके बाद करीब चार माह का समय बीतने को है, लेकिन अभी तक प्रशिक्षकों की सेवाएं बहाल करने अथवा अनुबंध बढ़ाने को लेकर कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर सरकार और शिक्षा विभाग इस गंभीर समस्या का समाधान क्यों नहीं कर रहे हैं।

नेगी ने शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के सैकड़ों प्रशिक्षक अपने भविष्य को लेकर परेशान हैं और हजारों छात्र व्यावसायिक शिक्षा के भविष्य को लेकर असमंजस में हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय स्तर पर लापरवाही के कारण प्रशिक्षकों और छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि विभागीय व्यवस्था को संभालने में शिक्षा मंत्री असमर्थ हैं तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। मोर्चा ने मुख्यमंत्री से मांग की कि व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम को तत्काल प्रभाव से सुचारु किया जाए, प्रशिक्षकों के अनुबंध का नवीनीकरण किया जाए और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस निर्णय लिया जाए। साथ ही मोर्चा ने शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत को पद से बर्खास्त करने की भी मांग उठाई।

मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द इस मामले में सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी स्थिति में छात्रों तथा प्रशिक्षकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस दौरान आकाश पंवार, विजय राम शर्मा, दिलबाग सिंह, मोहम्मद आरिफ, केसी चंदेल, रितेश तोमर, रूपचंद, सुनील बेलवाल, विनोद पड्डा, हाजी असद, संजय गुप्ता, प्रवीण शर्मा पिन्नी, प्रोवीर दास, अनिल गौड़, राकेश शर्मा, अल्का सैनी, रविंद्र सिंह, संगीता पैन्यूली, हिमांशु थापा, अंकित रावत, मोहम्मद नसीम, कविता नेगी, मोहम्मद इस्लाम, हरीश शाह, मोहम्मद आसिफ, मानचंद राणा, चौधरी अमन सिंह, प्रमोद शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष भीम सिंह बिष्ट, नानक सिंह, कुंवर सिंह नेगी, मुन्ना लाल शर्मा, विनय गुप्ता, निशा खातून, उमराव सिंह, सायरा बानो, जगदीश रावत, मुमताज, मीडिया प्रभारी अतुल हांडा, सोमपाल, मनीष नेगी, अंकुर चौरसिया, एमए सिद्दीकी, विक्रम पाल, परवेज, इदरीश, परवीन, वाहिद कुरैशी, शमशाद, गुरु चरण सिंह, चौधरी मामराज, क्रिस्टीना, बिल्लू गिल्बर्ट, इमरान, शराफत अली, विपिन भारद्वाज, जयपाल सिंह, सलीम मिर्जा, सफीक पांडा, जयपाल, ऋषिपाल, सुनील कुमार सहित बड़ी संख्या में मोर्चा कार्यकर्ता मौजूद रहे।