मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल से जुड़े मामले में SIT की जांच तेज, कंपनी के मूल दस्तावेज खंगालेगी टीम

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देहरादून। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल से जुड़े मामले में विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने जांच तेज कर दी है। मामले में कंपनियों से संबंधित दस्तावेजों के मूल रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। जांच टीम कुमाऊं क्षेत्र और बरेली में भी साक्ष्य जुटा चुकी है। वहीं, प्रकरण से जुड़े दो ऑडियो की प्रमाणिकता की जांच के लिए उन्हें फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजने की तैयारी है।

मिली जानकारी के अनुसार, मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एसआईटी कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की छानबीन कर रही है। आरोप है कि कुछ कंपनियों में निदेशक रहते हुए गिरधारी लाल ने कथित तौर पर दस्तावेजों में हेरफेर की। जांच टीम संबंधित कंपनियों के नाम, कार्यालयों के पते और अन्य जानकारियां जुटाने के साथ ही मूल दस्तावेजों के आधार पर तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

दो ऑडियो की होगी फॉरेंसिक जांच

मामले की जांच के दौरान सामने आए दो ऑडियो भी पुलिस के लिए अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं। बताया गया है कि इन ऑडियो में गिरधारी लाल और एक महिला के बीच बातचीत है। मंत्री रेखा आर्य की ओर से ये ऑडियो पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं।

पुलिस दोनों ऑडियो को फॉरेंसिक जांच के लिए प्रयोगशाला भेजेगी। इसके जरिए ऑडियो की प्रमाणिकता और उनमें दर्ज बातचीत से संबंधित तथ्यों की जांच की जाएगी। जांच एजेंसी अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों का भी परीक्षण करेगी। ऑडियो की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनसे संबंधित तथ्यों पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

15 अक्टूबर को दर्ज हुआ था मुकदमा

रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री रेखा आर्य ने 15 अक्टूबर को देहरादून के कैंट थाने में अपने पति गिरधारी लाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत में मारपीट, उत्पीड़न, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल, धोखाधड़ी और हत्या की साजिश रचने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच एसआईटी को सौंपी गई है। टीम शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित तथ्यों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

मंत्री के स्टाफ और कर्मचारियों के बयान होंगे दर्ज

जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस मंत्री रेखा आर्य के स्टाफ और मामले से जुड़े अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज करेगी। इसके लिए एसआईटी के मंत्री के यमुना कॉलोनी स्थित आवास पर जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस मामले से संबंधित पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच करेगी। जांच टीम कुमाऊं क्षेत्र में दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी जुटाने के साथ ही बरेली में भी पड़ताल कर चुकी है। अब कंपनियों के मूल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल एसआईटी मामले की जांच में जुटी है। पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।