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भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष नरेश चंद्र नौटियाल के नेतृत्व में बिन्हार के किसानों की हुंकार,
भूमि बंदोबस्त को लेकर फूटा किसानों का गुस्सा तहसील परिसर मे गरजे बिहार के , अन्नदाता
(उत्तराखंड बोल रहा है)
विकासनगर। बिन्हार क्षेत्र में वर्षों से लंबित भूमि बंदोबस्त और भू-सर्वेक्षण की मांग को लेकर मंगलवार को किसानों ने विकासनगर तहसील स्थित एसडीएम कार्यालय परिसर में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व, भारतीय किसान संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष नरेश चंद्र नौटियाल ने
धरने को संबोधित करते हुए कहा कि बिन्हार क्षेत्र के किसानों की भूमि बंदोबस्त और भू-सर्वेक्षण की मांग कोई नई नहीं है, बल्कि वर्षों से किसान इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं।

भूमि अभिलेखों के स्पष्ट न होने से किसानों को अपनी जमीनों से जुड़े मामलों में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि किसान केवल अपनी जमीन का अधिकार और स्पष्ट अभिलेख चाहते हैं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण, मुआवजे और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके। भूमि बंदोबस्त का मामला हजारों किसानों और ग्रामीण परिवारों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे अब और लंबित रखना उचित नहीं होगा।

नरेश चंद्र नौटियाल ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी एकता के बल पर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

धरने में मौजूद किसानों ने कहा कि यदि भूमि बंदोबस्त और भू-सर्वेक्षण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से संबंधित लिखित ज्ञापन प्रशासन को सौंपते हुए लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण की मांग की।
किसानों का कहना था कि यह आंदोलन केवल जमीन के कागजात का नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। बिन्हार के किसानों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
