उत्तराखंड Weather Alert: 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, देहरादून में अगले 3 घंटे भारी बारिश की चेतावनी, चारधाम यात्रा पर भी असर

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देहरादून: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तराखंड में 9 और 10 जुलाई के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आज सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट, जबकि छह पर्वतीय जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की है।

मौसम विभाग ने 9 और 10 जुलाई को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, उधम सिंह नगर और चम्पावत जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर कम समय में अत्यधिक वर्षा होने से जलभराव, सड़क बाधित होने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी तेज बारिश, आकाशीय बिजली और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन तथा पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। संवेदनशील मार्गों पर यात्रा करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

चारधाम यात्रा पर भी पड़ सकता है असर

लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। इसका असर चारधाम यात्रा मार्गों पर भी पड़ सकता है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर मार्गों पर यातायात को नियंत्रित किया जा सकता है।

देहरादून में अगले कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण

मौसम विभाग ने देहरादून, मसूरी और जॉलीग्रांट क्षेत्र के लिए अगले तीन घंटों के भीतर अत्यधिक तेज बारिश का विशेष ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तेज हवाओं और लगातार वर्षा के कारण पेड़ गिरने, जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में बारिश का सिलसिला केवल 9 और 10 जुलाई तक सीमित नहीं रहेगा। 11 से 14 जुलाई के बीच भी अलग-अलग जिलों में तेज बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।

प्रशासन और लोगों के लिए जरूरी सलाह

अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषकर पहाड़ी मार्गों पर।
नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें।
बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।