(जनता के रघुनाथ)आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय बढ़ाने को लेकर सीएम दरबार पहुँचा जन संघर्ष मोर्चा

जनता के रघुनाथ)
आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय बढ़ाने को लेकर सीएम दरबार पहुँचा जन संघर्ष मोर्चा
(उत्तराखंड बोल रहा है)
सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये लाभ की भी उठी मांग
देहरादून। आंगनबाड़ी वर्कर्स के मानदेय में वृद्धि और सेवानिवृत्ति पर ठोस लाभ की मांग को लेकर जन संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री दरबार में जोरदार दस्तक दी। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डे ऑफिसर/डिप्टी सेक्रेटरी श्री जे.पी. मैखुरी को तत्काल संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
₹9000 मानदेय नाकाफी, जेब से खर्च कर रही हैं वर्कर्स
नेगी ने बताया कि वर्तमान में आंगनबाड़ी वर्कर्स को लगभग ₹9000 प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है, जो मौजूदा महंगाई के दौर में बेहद कम है। उन्होंने कहा कि इस मानदेय में से ही वर्कर्स को स्टेशनरी तथा बच्चों में वितरित होने वाली सामग्री को अपने-अपने केंद्र तक पहुंचाने का खर्च भी स्वयं वहन करना पड़ता है, जो अन्यायपूर्ण है।


140 + 150 रुपये प्रतिदिन वृद्धि का प्रस्ताव
मोर्चा ने मांग रखी कि राज्य सरकार स्तर से ₹140 प्रतिदिन की वृद्धि की जाए तथा केंद्र सरकार को ₹150 प्रतिदिन अतिरिक्त बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा जाए। उनका तर्क है कि आंगनबाड़ी वर्कर्स समाज की आधारशिला हैं और महिला एवं बाल विकास की अहम कड़ी हैं, इसलिए उनके मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि आवश्यक है।
सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये लाभ की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी मांग की कि आंगनबाड़ी वर्कर्स के सेवानिवृत्त होने पर ₹10 लाख रुपये का शासनादेश जारी किया जाए। साथ ही, जब तक यह आदेश लागू न हो, तब तक वर्कर्स के खाते से ₹300 प्रतिमाह कटौती का प्रस्ताव वर्कर्स हित में माना जाए।
मोर्चा को भरोसा है कि राज्य सरकार शीघ्र ही आंगनबाड़ी वर्कर्स के हित में सकारात्मक निर्णय लेगी।
प्रतिनिधिमंडल में भीम सिंह बिष्ट एवं ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा भी उपस्थित रहे।

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