अपशिष्ट प्रबंधन कार्यशाला में मुख्य अतिथि संगीता सिंह ने दिया स्वच्छता और जागरूकता का संदेश
(उत्तराखंड बोल रहा है)
विकासनगर। दिनांक 18 अप्रैल 2026 को यू-कॉस्ट विज्ञान धाम झाझरा देहरादून की ओर से धूमसू जौनसारी जनजाति सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था के माध्यम से स्वरांजलि संगीत विद्यालय, बेला वाला विकासनगर में अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संगीता सिंह, अभियोजन अधिकारी, सीआईडी खंड देहरादून उपस्थित रहीं। उन्होंने विधिवत उद्घाटन करते हुए अपशिष्ट प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि घरों और आसपास से निकलने वाले कचरे का सही उपयोग और वैज्ञानिक प्रबंधन आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

संगीता सिंह ने बताया कि हमारे घरों से प्रतिदिन प्लास्टिक की बोतलें, टूटे-फूटे सामान, टाइल्स के टुकड़े, कागज आदि अनेक प्रकार का कचरा निकलता है, जिसे हम अक्सर बेकार समझकर फेंक देते हैं। जबकि इन्हें दोबारा उपयोग और रीसायकल के माध्यम से संसाधन में बदला जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से प्लास्टिक के कम उपयोग और उसके सही निस्तारण पर जोर देते हुए कहा कि इससे नालियों के जाम होने, पशुओं के बीमार पड़ने और पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि रसोई से निकलने वाला गीला कचरा—जैसे सब्जियों के छिलके या बचा हुआ भोजन—खाद या बायोगैस बनाने में उपयोगी हो सकता है। गोबर को नालियों में बहाने के बजाय जैविक खाद के रूप में प्रयोग करना चाहिए। घरों से निकलने वाले गंदे पानी के लिए सोख्ता गड्ढे या टैंक बनाकर जल संरक्षण की दिशा में भी कार्य किया जा सकता है।
सूखे कचरे जैसे कागज आदि को इधर-उधर फेंकने के बजाय रीसायकल के लिए देना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि घर का कचरा सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर फेंकना न केवल अस्वच्छता फैलाता है, बल्कि बीमारियों को भी जन्म देता है। फैक्ट्रियों और घरों से निकलने वाले धुएं व गंदे पानी के समुचित प्रबंधन की आवश्यकता पर भी उन्होंने बल दिया।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि—
“कचरे को सही तरीके से प्रबंध करेंगे, उसे संसाधन बनाएंगे और अपने पर्यावरण को स्वच्छ व सुरक्षित रखेंगे।”
अंत में धूमसू संस्था की अध्यक्ष शांति वर्मा ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं समाज को जागरूक करने की दिशा में एक सराहनीय पहल हैं। उन्होंने बेला वाला के ग्रामीणों, माताओं-बहनों और बच्चों का धन्यवाद किया, जिन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
इस अवसर पर मीना वेदांश, प्रेमदास, हेमचंद, रिया पासवान, सपना थापा, संजना, वंशिका चौहान, मीरा चौहान, अवीशी चौहान, गोल्डी, ममता, तृषा पासवान सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश देने में सफल रही।
