जन संघर्ष मोर्चा का काम बोलता है, विधायक जी!
अंबाडी खान बस्ती सड़क निर्माण को लेकर श्रेय की राजनीति पर उठे सवाल
(उत्तराखंड बोल रहा है)
विकासनगर
जन संघर्ष मोर्चा की जिला मीडिया प्रभारी प्रवीण शर्मा पिन्नी ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि अंबाडी स्थित खान बस्ती वाली सड़क, जो कई वर्षों से स्वीकृति का इंतजार कर रही थी, आखिरकार मोर्चा की पहल से मंजूर हुई है।

उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय ग्रामीणों ने जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी से सड़क निर्माण को लेकर शासन स्तर पर पैरवी करने का आग्रह किया था। इसके बाद मोर्चा ने लगातार प्रयास कर शासन में जोरदार पैरवी की, जिसके परिणामस्वरूप सड़क निर्माण को स्वीकृति मिली।

प्रवीण शर्मा पिन्नी ने दावा किया कि शासन की नोटशीट में स्पष्ट उल्लेख है कि उक्त सड़क विधायक की प्राथमिकता में शामिल नहीं थी तथा सचिव स्तर से पत्रावली स्वीकृति हेतु अग्रसारित की गई। ऐसे में विधायक की भूमिका पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2023 में शासन द्वारा प्रमुख अभियंता के माध्यम से अधिशासी अभियंता से अनुसूचित जाति/जनजाति से संबंधित आंकड़े मांगे गए थे, जिन्हें उप जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सड़क को स्वीकृति मिली।

मोर्चा ने आरोप लगाया कि झूठा श्रेय लेने की जल्दबाजी में विकासनगर विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने ग्रामीणों से अपना अभिनंदन भी करवा लिया, जबकि इस स्वीकृति में उनका कोई प्रत्यक्ष योगदान नहीं था।

प्रवीण शर्मा पिन्नी ने कहा, “जनता को गुमराह करोगे तो सवाल उठेंगे। जनता को चाहिए कि विधायक से उक्त सड़क निर्माण के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग करे।”
उन्होंने दोहराया कि जन संघर्ष मोर्चा का काम बोलता है और जनता के हक की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।

स्लोगन:
“जनता को गुमराह करोगे तो चाबुक चलता ही रहेगा!”
